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2159) अन्धा क्या चाहे दो आँखें
मूर्खो में कुछ पढ़ा लिखा व्यक्ति
अकेला आदमी बिना दूसरों के सहयोग के कोई बड़ा काम नहीं कर सकता
समय निकल जाने के पश्चात् पछताना व्यर्थ होता है
अधिकार पाने पर स्वार्थी मनुष्य केवल अपनों को ही लाभ पहुँचाते हैं
मनचाही बात हो जाना
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This is Medium Level Question in Hindi Language Posted By Sunil Saharan in General Studies --> हिन्दी --> कहावतें/मुहावरे/लोकोक्तियाँ /Proverbs/Idioms Category (Viewed : 136 Times)

राख का हर एक कण मेरी गर्मी से गतिमान है
मैं एक ऐसा पागल हूँ जो जेल में भी आज़ाद है.

Every Tiny Molecule Of Ash Is In Motion With My Heat
I Am Such A Lunatic That I Am Free Even In Jail.

-- भगत सिंह
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